अभी कियांशी अस्पताल के ठंडे फर्श पर बैठकर अपने मन के इस खौफनाक तूफान से जूझ ही रही थी कि तभी विनीत जी के वफादार आदमी और दीवान मेंशन के कुछ पुराने गार्ड्स बदहवास हालत में दौड़ते हुए अस्पताल के उस गलियारे में पहुँचे।
विनीत जी के एक्सीडेंट की खबर सुनते ही वे सब काम छोड़कर सीधे अस्पताल भागे चले आए थे।




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