बेला का घर,
RK का चेहरा उस मोमबत्ती की झिलमिलाती रोशनी में और भी गंभीर दिख रहा था।
उसकी आँखों में वो डर नहीं था जो पहले कभी होता था — बस एक साफ़-सा इज़हार था… सच्चे इरादे का।

बेला का घर,
RK का चेहरा उस मोमबत्ती की झिलमिलाती रोशनी में और भी गंभीर दिख रहा था।
उसकी आँखों में वो डर नहीं था जो पहले कभी होता था — बस एक साफ़-सा इज़हार था… सच्चे इरादे का।

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