वो सिर्फ़ दस साल का था, पर आँखों में बचपन से ज़्यादा ज़िद थी। आँसुओं में डूबी कियांशी का हाथ थामकर बोला— “रोइए मत… बड़ा होकर आपसे ही शादी करूँगा।” वो हँसकर उसे बच्चा कह टाल गई। इस बार वो मुस्कुराया नहीं— “Fine… अभी बच्चा हूँ. But when I grow up… I’m going to claim you. You’ll see.” आवाज़ मासूम थी… पर आँखों में इंतज़ार नहीं, एक खामोश हक़ ठहरा हुआ था।








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